Box Office: आयुष्मान की नज़र अब अक्षय के ‘गोल्ड’ पर, ‘बधाई हो’… बस इतने करोड़ और चाहिए

एक मध्यमवर्गीय परिवार की कहानी है, जो एक बेहद सामाजिक मुद्दे को एड्रेस करती है। जवान बच्चों के माता-पिता अगर संतानोत्पत्ति करते हैं, तो इसे हमारे समाज में सही नहीं समझा जाता।

Source : Jagran Hindi News – entertainment:bollywood
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