कोहली चाहते हैं कि भारतीय तेज गेंदबाज न खेलें आइपीएल, रोहित नहीं हैं इसके पक्ष में

नई दिल्‍ली : 2019 में होने वाला विश्‍वकप 5 जून से शुरू हो रहा है और आइपीएल 29 मार्च से शुरू होकर 19 मई तक चलेगा। यानी आइपीएल के खत्‍म होने से लेकर विश्‍वकप शुरू होने के बीच सिर्फ 15 दिनों का गैप है। इस वजह से क्रिकेट के जानकार यह आशंका जता रहे हैं कि अगर किसी प्रमुख खिलाड़ी को आइपीएल के दौरान चोट लग गई तो उसके पास रिकवरी का समय भी नहीं होगा। चूंकि आइपीएल में सबसे ज्‍यादा भारतीय खिलाड़ी खेलते हैं तो विश्‍वकप में इसका सबसे ज्‍यादा नुकसान भारतीय टीम को उठाना पड़ सकता है, खासकर तेज गेंदबाजों को, क्‍योंकि खेल के दौरान उनके चोटिल होने की संभावना ज्‍यादा रहती है। यही वजह है कि टीम इंडिया के कप्‍तान विराट कोहली नहीं चाहते कि आइपीएल में भारतीय तेज गेंदबाजी के आधार स्‍तंभ खेलें। हैदराबाद में हाल ही में सीओए की बैठक में भी विराट कोहली ने इस मुद्दे को उठाया था। वह खासकर जसप्रीत बुमराह और भुवनेश्वर कुमार को पूरे आइपीएल से विश्राम देना चाहते हैं, ताकि विश्व कप के दौरान वह तरोताजा रहें। हालांकि यह लगता नहीं कि विराट के इस प्रस्‍ताव को फ्रेंचाइजी टीमों का समर्थन मिलेगा। इसकी जानकारी बैठक में उपस्थित एक अधिकारी ने दी।

रोहित शर्मा की राय है जुदा
विराट कोहली के इस प्रस्‍ताव से उसी बैठक में शामिल रोहित शर्मा भी सहमत नहीं दिखे। जब इस विषय पर सीओए प्रमुख विनोद राय ने इस बारे में रोहित शर्मा से राय मांगी तो उन्‍होंने स्‍पष्‍ट तौर पर कहा कि अगर मुंबई इंडियंस की टीम प्लेऑफ में पहुंचती है और बुमराह फिट रहते हैं तो वह उन्हें विश्राम देना पसंद नहीं करेंगे।

अधिकारियों की राय भी कप्‍तान से अलग
बैठक में उपिस्थत एक अन्य अधिकारी ने भी कहा कि यह अजीब है कि भारतीय कप्तान तेज गेंदबाजों को आइपीएल से विश्राम देना चाहते हैं, जबकि खिलाड़ियों की व्यस्तता को लेकर पिछले कुछ वर्षों से आइपीएल ट्रेनर और फिजियो भारतीय टीम के सहयोगी स्टाफ के साथ मिल कर काम कर रहे हैं। अगले साल आइपीएल में भी ऐसा ही होगा कि तेज गेंदबाज सभी मैच नहीं खेलेंगे।

भुवी और बुमराह का है असली मसला
बोर्ड से जुड़े एक अधिकारी ने कहा कि असली मसला भुवनेश्‍वर कुमार और जसप्रीत बुमराह को लेकर है। क्‍योंकि पिछले आइपीएल तक देखा गया है कि मोहम्‍मद शमी, उमेश यादव और खलील अहमद अपनी फ्रेंचाइजी टीमों की प्राथमिकता में नहीं हैं। इस बात की पूरी संभावना है कि उनकी फ्रेंचाइजी इन प्‍लेयर्स पर आइपीएल के पूरे मैच के दौरान दांव न लगाए। साथ में वह यह भी कहते हैं कि आइपीएल के दौरान भारतीय क्रिकेट विंडो एकदम खाली रहता है, ऐसे में अगर कोई लीग नहीं खेलता है तो उसे विश्‍वकप से पहले पूरे दो महीने तक प्रतिस्‍पर्धी मैच से दूर रहना पड़े। ऐसे में इसका उनके प्रदर्शन पर विपरीत असर भी पड़ सकता है। इसके अलावा इस बात के लिए फ्रेंचाइजी टीमों को मनाना भी आसान नहीं होगा। बता दें कि इस बार आपीएल 29 मार्च से शुरू होकर 19 मई तक चलेगा, जबकि विश्व कप के दौरान भारत को अपना पहला मैच 5 जून को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेलना है। इस बीच मात्र 15 दिनों का अंतर है और आइपीएल के बाद भारतीय टीम को इंग्‍लैंड जाने के लिए यात्रा भी करनी होगी। इस वजह से विराट कोहली अपने तेज गेंदबाजों को चोट और थकान से बचा कर रखना चाहते हैं।

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